Description
Babool (छाल) आयुर्वेद में दांत, मसूड़ों, मुँह के छाले, दस्त और पाचन समस्याओं में उपयोग की जाने वाली प्रसिद्ध छाल है। इसका काढ़ा या कुल्ला पारंपरिक रूप से किया जाता है। यह कसैला गुण होने के कारण मसूड़ों को मज़बूत करने में सहायक मानी जाती है।
🥄 उपयोग विधि
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1 चम्मच बबूल छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं
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मुँह के कुल्ले या आवश्यकता अनुसार सेवन करें
(विशेष स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लें)
⚠️ सावधानी
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निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन न करें
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गर्भवती महिलाएं उपयोग से पहले सलाह लें




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